श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव: 29.06.2025 रविवार

ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत्।ईशावास्योपनिषद्स में आया यह श्लोक हमको बताता है की सृष्टि में सब कुछ ईश्वर से व्याप्त है. हमारे ग्रंथो और सभी संतो ने भी इस बात की पुष्टि करी है, कि ईश्वर हर जगह व्याप्त है पर हम सब अपने अज्ञान के कारण कभी कभी उसको Read more

आषाढ़ी एकादशी यात्रा (पंढरपुर वारी) 2025

आग लगी आकाश में झर झर झरे अंगार,संत न होते जगत में तो जल मरता संसार।।हम सभी बहुत भाग्यशाली है कि हमारी जड़े पवित्र और समृद्ध भारतभूमि में है. जहाँ पर हर क्षेत्र में समय समय पर अनेको संतो ने जन्म लिए और भूले भटके मनुष्यो को पुनः सत मार्ग Read more

Sunderkand & Devi Mahatmya Yagya

+++ पुत्रः कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि माता कुमाता न भवति +++ सुभाषितानि/नीति श्लोक में ऐसा कहा गया है कि यह संभव है कि पुत्र कुपुत्र हो सकता है किन्तु माता कुमाता कभी नहीं हो सकती. माँ के अंदर वात्सल्य और अपने पुत्री/पुत्र के प्रति नैसर्गिक प्रेम सदैव विद्यमान रहता है. माँ Read more