*Notice: पितृपक्ष स्पेशल सुंदरकांड एवं पितृ प्रार्थना (22.09.2024 Sunday)*
पति पत्नी, माता पिता, संतान, भाई बहन यह रिश्ते ईश्वरीय होते है. एक आत्मा को ईश्वर ने दूसरी आत्मा से अदृश्य तारो द्वारा जोड़ रखा है. जब एक आत्मा
को दुःख और क्लेश होता है तो इन अदृश्य तारो के माध्यम से दूसरो तक पहुंच जाते है. चाहे आत्मा स्थूल शरीर में हो या पितृ लोक में.
वर्ष में पंद्रह दिन का एक पक्ष होता है जब हमारे पित्रो का लोक हमारे बहुत करीब होता है. इसीलिए इसको पितृपक्ष भी कहा जाता है और यह हम सबके लिए विशेष होता है. इस पक्ष में हम जो भी शुभ कर्म करेंगे वह हम अपने पितरो को अर्पित कर सकते है.
कल हमारे मंदिर में मासपारायण श्रृंखला के अंतर्गत सुंदरकांड का पाठ है. प्रयास करे कि आप सभी मंदिर आए, सुंदरकांड में सम्मलित हो और उसके बाद मिलकर अपने पूर्वजो और पितरो को नमन करे. निश्चय ही हमारी प्रार्थनाए उन तक पहुंचेगी और वह हम सबको अपने आशीर्वाद से अनुग्रहित करेंगे.
आपका मंदिर परिवार
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1 Comment
Mandir Admin · 21 September 2024 at 20:40
*Notice: पितृपक्ष स्पेशल सुंदरकांड एवं पितृ प्रार्थना (22.09.2024 Sunday)*
पति पत्नी, माता पिता, संतान, भाई बहन यह रिश्ते ईश्वरीय होते है. एक आत्मा को ईश्वर ने दूसरी आत्मा से अदृश्य तारो द्वारा जोड़ रखा है. जब एक आत्मा
को दुःख और क्लेश होता है तो इन अदृश्य तारो के माध्यम से दूसरो तक पहुंच जाते है. चाहे आत्मा स्थूल शरीर में हो या पितृ लोक में.
वर्ष में पंद्रह दिन का एक पक्ष होता है जब हमारे पित्रो का लोक हमारे बहुत करीब होता है. इसीलिए इसको पितृपक्ष भी कहा जाता है और यह हम सबके लिए विशेष होता है. इस पक्ष में हम जो भी शुभ कर्म करेंगे वह हम अपने पितरो को अर्पित कर सकते है.
कल हमारे मंदिर में मासपारायण श्रृंखला के अंतर्गत सुंदरकांड का पाठ है. प्रयास करे कि आप सभी मंदिर आए, सुंदरकांड में सम्मलित हो और उसके बाद मिलकर अपने पूर्वजो और पितरो को नमन करे. निश्चय ही हमारी प्रार्थनाए उन तक पहुंचेगी और वह हम सबको अपने आशीर्वाद से अनुग्रहित करेंगे.
आपका मंदिर परिवार
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