हमारी बहन ओजस्वी जी और भाई अमित जी का ह्रदय से अनेको धन्यवाद्. दोनों ने आज हमारा परिचय मैथिली भाषा एवं वहां से जुडी समृद्ध संस्कृति से करवाया. वहाँ की अनूठी गाली-गीत परंपरा, वहां के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के विषय में हमारे अल्पज्ञान को समृद्ध बनाया. हमें गर्व है की हम एक ऐसे भूभाग के अंग है जो माँ सीता की जन्मभूमि है. मधुबनी चित्रकला, गाली गीत जैसी कई सांस्कृतिक परम्पराओ की जनक है, साथ ही दो महान धर्म, जैन और बौद्ध धर्म का भी मुख्य केंद्र है. मिथिला मखानों की खेती का भी एक मुख्य केंद्र है. इन दोनों की पहल के बिना हम लोग ऐसे महत्वपूर्ण स्थल और वहाँ के भोजन के स्वाद से वंचित ही रह जाते.
जिस प्रेम और श्रद्धा भाव से भगत परिवार से आज बढ़ चढ़ कर सेवा करी वह अनुकरणीय है. आशा है और भी लोग आगे आएंगे और हमको अपने क्षेत्र और संस्कृति से परिचित करवाएंगे. “हरी अनंत हरी कथा अनंता” की यात्रा हम लोगो के ज्ञान और आनंद में सतत वृद्धि कर रही है.
आपका मंदिर परिवार.
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Mandir Admin · 11 December 2022 at 21:41
हमारी बहन ओजस्वी जी और भाई अमित जी का ह्रदय से अनेको धन्यवाद्. दोनों ने आज हमारा परिचय मैथिली भाषा एवं वहां से जुडी समृद्ध संस्कृति से करवाया. वहाँ की अनूठी गाली-गीत परंपरा, वहां के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के विषय में हमारे अल्पज्ञान को समृद्ध बनाया. हमें गर्व है की हम एक ऐसे भूभाग के अंग है जो माँ सीता की जन्मभूमि है. मधुबनी चित्रकला, गाली गीत जैसी कई सांस्कृतिक परम्पराओ की जनक है, साथ ही दो महान धर्म, जैन और बौद्ध धर्म का भी मुख्य केंद्र है. मिथिला मखानों की खेती का भी एक मुख्य केंद्र है. इन दोनों की पहल के बिना हम लोग ऐसे महत्वपूर्ण स्थल और वहाँ के भोजन के स्वाद से वंचित ही रह जाते.
जिस प्रेम और श्रद्धा भाव से भगत परिवार से आज बढ़ चढ़ कर सेवा करी वह अनुकरणीय है. आशा है और भी लोग आगे आएंगे और हमको अपने क्षेत्र और संस्कृति से परिचित करवाएंगे. “हरी अनंत हरी कथा अनंता” की यात्रा हम लोगो के ज्ञान और आनंद में सतत वृद्धि कर रही है.
आपका मंदिर परिवार.
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