@Anup Chaudhary @Kaushik Family हमारी बहन पूजा जी, रीना जी और अनूप जी के परिवारों का हृदय से बहुत बहुत आभार। पूजा जी और अनूप जी ने हमको नेपाली भाषी भगवान विष्णु का मधुर भजन सुनाया और साथ में माँ सीता, जनक जी, श्री बुढानिलकण्ठ जी मन्दिर, श्री पशुपतिनाथ जी, जागृत माता कुमारी के विषय में बहुत सी ज्ञानवर्धक बातें बताई जिनसे हम लोग अनभिज्ञ थे और शायद अनभिज्ञ ही रह जाते. उनकी बातो को सुनकर मन में यह इच्छा हुई अगली बार नेपाल जाकर उनकी बताई जगहों के दर्शन करे. अपने परिवार के निरंतर वृहद् और विशाल होने पर मन बड़ा ही आनंदित है.
इन सभी लोगो न बड़े ही श्रद्धा और प्रेम भाव से ईश्वर के लिए प्रसाद तैयार करा और मर्यादापुरुषोत्तम को नेपाली अचारी आलू भी खिलाये.
ईश्वर से यह विनय है की ऐसे ही आप लोग आगे आते रहे और हमे अपने सुंदर धर्म, धार्मिक स्थलों और संस्कृति से अवगत कराते रहे जिससे हमारे ज्ञान और गौरवानुभूति में सतत वृद्धि होती रहे।
आपका अपना मंदिर परिवार
Save the Date Invitation Reminder 01 Reminder 02 Nivedan पिछले दिनों हमारे कुछ प्रेमी भाइयो के सहयोग से हमारे मंदिर में अवधी के अलावा उड़िया, कन्नड़ और गुजराती में भी श्रीरामचरितमानस उपलब्ध है. हम लोगो Read more
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+++ पुत्रः कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि माता कुमाता न भवति +++ सुभाषितानि/नीति श्लोक में ऐसा कहा गया है कि यह संभव है कि पुत्र कुपुत्र हो सकता है किन्तु माता कुमाता कभी नहीं हो सकती. माँ Read more
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Mandir Admin · 4 December 2022 at 18:01
@Anup Chaudhary @Kaushik Family हमारी बहन पूजा जी, रीना जी और अनूप जी के परिवारों का हृदय से बहुत बहुत आभार। पूजा जी और अनूप जी ने हमको नेपाली भाषी भगवान विष्णु का मधुर भजन सुनाया और साथ में माँ सीता, जनक जी, श्री बुढानिलकण्ठ जी मन्दिर, श्री पशुपतिनाथ जी, जागृत माता कुमारी के विषय में बहुत सी ज्ञानवर्धक बातें बताई जिनसे हम लोग अनभिज्ञ थे और शायद अनभिज्ञ ही रह जाते. उनकी बातो को सुनकर मन में यह इच्छा हुई अगली बार नेपाल जाकर उनकी बताई जगहों के दर्शन करे. अपने परिवार के निरंतर वृहद् और विशाल होने पर मन बड़ा ही आनंदित है.
इन सभी लोगो न बड़े ही श्रद्धा और प्रेम भाव से ईश्वर के लिए प्रसाद तैयार करा और मर्यादापुरुषोत्तम को नेपाली अचारी आलू भी खिलाये.
ईश्वर से यह विनय है की ऐसे ही आप लोग आगे आते रहे और हमे अपने सुंदर धर्म, धार्मिक स्थलों और संस्कृति से अवगत कराते रहे जिससे हमारे ज्ञान और गौरवानुभूति में सतत वृद्धि होती रहे।
आपका अपना मंदिर परिवार
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