
Shri Ganesh Chaturthi 3.0 Utsav Invitation 2025


श्री गणपति महोत्सव — हमारी परंपरा के पीछे छिपे गूढ़ रहस्य
हमारे जितने भी रीती रिवाज़ और त्यौहार है उन सभी के पीछे कुछ न कुछ गूढ़ बाते होती है. अक्सर हमें उन रहस्यों का ज्ञान न होने से हम उनको कुरीति समझ लेते है. वास्तव में हमारे पूर्वज बड़े ज्ञानी थे जो एक गर्व का विषय है. आइये आने वाले श्री गणपति महोत्सव के विषय में कुछ जाने:
- भगवान श्री गणपति माँ पार्वती और श्री महादेव जी के छोटे पुत्र है. जो ज्ञान, बुद्धि और बल में अग्रणी है. इनकी दो पत्निया रिद्धि और सिद्धि है और इनका वाहन मूषक है.
- प्रयास करे कि आप भी उनके दर्शन कर उनसे सुख समृद्धि, रिद्धि और सिद्धि प्राप्त करे.
- योग की दृष्टि से भी भगवान गणेश का विशेष महत्व है। हठयोग और चक्र-तंत्र की परंपरा में मूलाधार चक्र के अधिष्ठाता देवता भगवान गणेश को माना जाता है। मूलाधार हमारे शरीर की ऊर्जा-व्यवस्था का आधार है। इसीलिए किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ में गणेशजी का स्मरण करने की परंपरा है—अर्थात् पहले अपने जीवन की नींव को मजबूत करना.
- भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद (भादो) महीने के शुक्लपक्ष (बढ़ते चन्द्रमा की कलाओ) की चतुर्थी को केदारनाथ के निकट श्री गौरीकुण्ड नामक स्थान में हुआ था. इसे हम गणेश चतुर्थी के रूप में मनाते है. उनके जन्म की कथा से आप लोग संभवतः अवगत होंगे.
- अपनी सूझबूझ, बुद्धि और बल के कारण इनको अपने पिता और समस्त देवी देवताओ से ये आशीर्वाद प्राप्त है की ये देवो में सर्वप्रथम पूजित होंगे, इसीलिए हर पूजा में सर्वप्रथम भगवान गणेश की पूजा होती है.
- इनको विघ्नहर्ता भी कहा जाता है क्योंकि यह अपने भक्तो के विघ्नो का हरण करते है.
- अब प्रश्न यह है की जब जन्म का दिन एक है तो श्री गणपति उत्सव दस दिनों तक क्यों मनाया जाता है. इस विषय में हमको ऋषि वेद व्यास द्वारा रचित महाभारत के प्रथम सर्ग में जानकारी मिलती है. अलग अलग विद्वानों द्वारा बताई बातो में कुछ भिन्नता हो सकती है.
- महाभारत के रचियता ऋषि वेद व्यास जी है पर उसको श्री गणपति जी ने लिखा है. गणपति जी इस शर्त पर इसको लिखने को तैयार हुए कि जब तक व्यास जी बिना रुके बोलते रहेंगे तभी तक गणेश की इसको लिखेंगे. इसको लिखने का कार्य भी गणेश जी के जन्मदिन को शुरू हुआ था और ख़त्म भाद्रपद शुक्लपक्ष चतुर्दशी को हुआ था. जो दस दिन है.
- जब गणपति ने महाभारत लिखने का कार्य पूर्ण करा तो उनका शरीर बहुत गर्म हो गया और उनको शांत करने के लिए उनके ऊपर मिटटी का लेप लगाया और फिर सरस्वती नदी में स्नान के बाद वह मिटटी धुल गई.
- दूसरी कथा यह कहती है कि दस दिनों में गणपति के ऊपर बहुत ही धूल और मिटटी जम गई थी जो चतुर्दशी को स्नान के बाद साफ़ करी गई.
- इसके अलावा, गणपति के दस अवतार माने जाते है, दस दिशाए, दस अक्षर मंत्र ” ॐ गं गणपतये नमः”, गणपति के दस विशेष लक्षण (गुण) होते हैं, जो उनकी विशेषता को दर्शाते हैं.
- यह ही दस दिनों का रहस्य है.
- आज के युग में आदि गुरु शंकराचार्य जी ने गणपति पूजा को पुनर्जीवित करा.
- कालांतर में मराठा काल में छत्रपति शिवजी महाराज ने शक्ति अर्जन के लिए गणपति स्थापना और विसर्जन को आगे बढ़ाया
- बाद में हमारे नेता लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी ने लोगो को जाग्रत कर इसे घर घर तक पहुंचाया
- श्री गणपति कल सोमवार 14.09.2026 को सायः 18:00-20:00 बजे के बीच हमारे मंदिर में आ रहे है और बारह दिनों तक 25.09.2026 रहेंगे.
आपका मंदिर परिवार
Shri Ganapati Mahotsav 4.0 – Programm guidelines and information
- Shri Ganapati Mahotsav 4.0 will begin on 14.09.2026 (Monday) at 18:00 Hours by doing Shri Ganapati Sthapna (स्थापना) in our Mandir / श्री गणपति महोत्सव 4.0 हमारे मंदिर में सोमवार दिनांक 14.09.2026 को सायः 18:00 बजे श्री गणपति स्थापना के साथ आरम्भ होगा
- Program will conclude on 25.09.2026 (Friday) at around 13:00 Hours by doing Shri Ganapati Visarjan (विसर्जन) / समारोह का समापन शुक्रवार दिनांक 25.09.2026 को मध्यान्ह लगभग 13:00 बजे श्री गणपति विसर्जन के साथ सम्पन्न होगा
- From Sthapna till Visarjan (Twelve Days), our mandir will be open round the clock / स्थापना से विसर्जन तक (दस दिनों) मंदिर लगातार चौबीसो घंटे खुला रहेगा
- You all can come anytime for darshan except the rest/vishram (विश्राम) time of Shri Ganpati ji / भगवान गणपति के विश्राम को छोड़कर, आप लोग कभी भी मंदिर में उनके दर्शनों के लिए आ सकते है
- On Sthapna day a Deepak/Jyoti will be lit and will remain active till Visarjan. All of you have this beautiful opportunity to bring Ghee from your home for Deepak / स्थापना के साथ ही श्री गणपति जी के आगे एक दीपक प्रज्वलित होगा जो विसर्जन तक जलता रहेगा. आप सभी के लिए यह एक अति सूंदर अवसर है कि आप अपने घर से देसी घी लाकर दीपक की ज्योत को निरंतर प्रज्वलित रहने में योगदान करे
- Every day pooja, aarti and bhog will be performed thrice. Morning: 8:00 Hours, Afternoon: 12:00 Hours, Evening 18:30 Hours / प्रतिदिन तीन बार पूजा, भोग और आरती प्रातः: 08:00 बजे, मध्यान 12:00 बजे और संध्या 18:30 बजे की जाएगी.
- All of you can bring and offer Durva Grass, Haldi, Akshat, Kumkum, Pushp(Flowers), Nariyal (Coconut), Jaggery and Fruits for Ganapati ji / आप सभी लोग दूर्वा (दूब), हल्दी, अक्षत, कुमकुम, पुष्प, नारियल, गुड़ और फल श्री गणपति जी को अर्पित कर सकते है
- Since Mandir will be open for all ten days you can also help us by coming early or offer your service in critical timings. We have prepared a chart where you can add your name and become a part of service to Shri Ganapati ji / क्योकि मंदिर लगातार दस दिनों तक खुला रहेगा अतः आप लोग सुबह जल्दी आके, या अन्य माध्यमों से अपनी सेवा अर्पित कर सकते है. हमने एक चार्ट बनाया है जिसमे आप अपने आने का समय अंकित कर सकते है.
- You can stay daytime, evenings, night and early morning’s and do home office from Mandir as well / आपका आगमन दिन में, संध्या को, रात्रि को और ब्रह्म मुहूर्त में हो सकता है और यदि आप चाहे तो HomeOffice भी मंदिर से कर सकते है
- On 20.09.2026 (Sunday), we will be doing special Ganapati celebration after Shri Ramcharitmat Path and Shri Ganapati’s favourite Modak will be offered to him / दिनांक 20.09.2026 रविवार को हम लोग मिलकर विशेष गणपति उत्सव मनाएंगे. जिसमे हम लोग श्री रामचरितमानस पाठ के बाद उनका प्रिय मोदक भी उनको अर्पित करेंगे
- If you are coming from a distance, let us know about your visit, your overnight stay arrangements can be made either in Mandir or in some of family member’s home nearby / यदि आप दूर से आ रहे है तो हमको सूचित करे, आपके सपरिवार रात्रि विश्राम की व्यस्था मंदिर में या आसपास रहने वाले परिवारों के यहाँ की जा सकती है
- If you have small kids and have special requirements, do let us know. We do not promise but will try our level best to make you feel comfortable / यदि आपके साथ छोटे शिशु भी आ रहे है और उनकी कुछ विशेष आवश्यकताए है तो हमको अवगत कराए. हम पूरा प्रयास करेंगे की उनको पूरा कर सके
- It’s a big celebration and a lot of helping hands are required. Come forward and be a part of us and make this special celebration memorable /यह एक बड़ा आयोजन है और इसके लिए बहुत से सहयोगी हाथो की आवश्यकता होगी. आप आगे आए और अपने सहयोग से इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दे
Your Mandir Family
Shri Ganapati Mahotsav 4.0 Program

- यह बहुत ही दुर्लभ होता है की किसी मंदिर में हम ईश्वर के साथ नितांत अकेले, कुछ समय व्यतीत कर सके या उनकी सेवा स्वयं अपने हाथो से कर सके.
- सोचिये हम लोग कितने भाग्यशाली है जो श्री गणपति महोत्सव में ऐसा अवसर एक बार नहीं कई बार आ सकता है, जब सामने बैठे साक्षात् श्री गणपति से अपने ह्रदय के उद्गार व्यक्त कर सके.
- कही ऐसा न हो की जीवन की इस आपाधापी में यह अवसर भी हाथ से निकल जाए.
- जल्द से जल्द हमें सूचित करे की किस वक़्त आप श्री गणपति की सेवा अपने हाथो से करना चाहते है.
- इस बात का हमें पूर्ण विश्वास है की आप जैसे समर्पित परिवार वालो के होते हुए श्री गणपति जी के पास सदैव कोई न कोई सेवा के लिए उपस्थित रहेगा.
आपका मंदिर परिवार
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