*+++आभार 11.02.2024+++*
सोचिए, यह संसार कैसा हो जाएगा अगर सारी दुनिया एक ही रंग की और एक ही तरह की हो जाए? वास्तव में इसकी विविधता में ही इसकी सुंदरता छुपी है.
हमारे राम जी के गीबल हिन्दू मंदिर की बगिया में कितने सुन्दर सुन्दर, विविधता से भरे, अनमोल और अनोखे पुष्प है, यदि इसे स्वयं अनुभव करना हो तो किसी भी रविवार को मंदिर आ जाए.
जब यह विचार आया की हम लोग मंदिर में अपने भगवान जी को इडली सांभर खिलाएंगे तो सहर्ष ही आप में से बहुत से लोग आगे आ गए.
आज सुबह सुबह हमारी बहने जो छोटे छोटे बच्चो की माताए भी है, समय से पहले मंदिर आ गई. सोचिए सांभर हमारी तेलंगाना की बहन बना रही थी, तो रवा इडली बनाने में कर्नाटक की बहिन अपने परिवार के साथ तत्परता से जुटी थी, स्वादिष्ट पायसम का मधुर स्वाद मध्य प्रदेश की बहन भर रही थी और चटनी का तो कहना ही क्या है.
उन सबके सहयोग लिए नेपाल से लेकर पंजाब, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात के परिवारों का एक साथ हाथो में हाथ डाल कर ऐसी इंद्रधनुषी रंगो की छटा देखते ही बनती थी. छोटे छोटे बच्चे उत्साहपूर्वक सेवा के लगे हुए थे. वास्तव में इस महाप्रसाद को बनाने की यात्रा के अनुभव और आनंद को शब्दों में व्यक्त कर पाना संभव नहीं है.
ऐसा प्रेम और भावो से ओतप्रोत महाप्रसाद भगवान के घर गीबल मंदिर के सिवा भला कहाँ मिलेगा. ऐसी अनेकता में एकता को समाहित करता परिवार और कहाँ मिल सकता है.
आप सबके ऐसे सुन्दर भावों और समर्पण के आगे हम नतमस्तक है और निश्चय ही भविष्य में ऐसे अनेको अवसर आएंगे जहाँ हम सब मिलकर इसको यादगार बना देंगे.
आपका अपना मंदिर परिवार
Save the Date Invitation Reminder 01 Reminder 02 Nivedan पिछले दिनों हमारे कुछ प्रेमी भाइयो के सहयोग से हमारे मंदिर में अवधी के अलावा उड़िया, कन्नड़ और गुजराती में भी श्रीरामचरितमानस उपलब्ध है. हम लोगो Read more
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Mandir Family · 11 February 2024 at 22:04
*+++आभार 11.02.2024+++*
सोचिए, यह संसार कैसा हो जाएगा अगर सारी दुनिया एक ही रंग की और एक ही तरह की हो जाए? वास्तव में इसकी विविधता में ही इसकी सुंदरता छुपी है.
हमारे राम जी के गीबल हिन्दू मंदिर की बगिया में कितने सुन्दर सुन्दर, विविधता से भरे, अनमोल और अनोखे पुष्प है, यदि इसे स्वयं अनुभव करना हो तो किसी भी रविवार को मंदिर आ जाए.
जब यह विचार आया की हम लोग मंदिर में अपने भगवान जी को इडली सांभर खिलाएंगे तो सहर्ष ही आप में से बहुत से लोग आगे आ गए.
आज सुबह सुबह हमारी बहने जो छोटे छोटे बच्चो की माताए भी है, समय से पहले मंदिर आ गई. सोचिए सांभर हमारी तेलंगाना की बहन बना रही थी, तो रवा इडली बनाने में कर्नाटक की बहिन अपने परिवार के साथ तत्परता से जुटी थी, स्वादिष्ट पायसम का मधुर स्वाद मध्य प्रदेश की बहन भर रही थी और चटनी का तो कहना ही क्या है.
उन सबके सहयोग लिए नेपाल से लेकर पंजाब, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात के परिवारों का एक साथ हाथो में हाथ डाल कर ऐसी इंद्रधनुषी रंगो की छटा देखते ही बनती थी. छोटे छोटे बच्चे उत्साहपूर्वक सेवा के लगे हुए थे. वास्तव में इस महाप्रसाद को बनाने की यात्रा के अनुभव और आनंद को शब्दों में व्यक्त कर पाना संभव नहीं है.
ऐसा प्रेम और भावो से ओतप्रोत महाप्रसाद भगवान के घर गीबल मंदिर के सिवा भला कहाँ मिलेगा. ऐसी अनेकता में एकता को समाहित करता परिवार और कहाँ मिल सकता है.
आप सबके ऐसे सुन्दर भावों और समर्पण के आगे हम नतमस्तक है और निश्चय ही भविष्य में ऐसे अनेको अवसर आएंगे जहाँ हम सब मिलकर इसको यादगार बना देंगे.
आपका अपना मंदिर परिवार
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