Sunderkand & Devi Mahatmya Yagya

+++ पुत्रः कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि माता कुमाता न भवति +++ सुभाषितानि/नीति श्लोक में ऐसा कहा गया है कि यह संभव है कि पुत्र कुपुत्र हो सकता है किन्तु माता कुमाता कभी नहीं हो सकती. माँ के अंदर वात्सल्य और अपने पुत्री/पुत्र के प्रति नैसर्गिक प्रेम सदैव विद्यमान रहता है. माँ Read more